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आंखों की रोशनी नहीं पर इरादे फौलादी: नवाada के रवि राज ने मां की आवाज और खान सर के लेक्चर से तोड़ा UPSC का गुरूर!

😱 🔥 आंखों की रोशनी नहीं पर इरादे फौलादी: नवाada के रवि राज ने मां की आवाज और खान सर के लेक्चर से तोड़ा UPSC का गुरूर!


Success Story: किताबों का अंधेरा और मां का उजाला, जानिए 182वीं रैंक लाने वाले रवि की पूरी जुबानी

Exclusive News: बिहार के नवादा जिले के छोटे से गांव महुली से निकलकर दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक तक का सफर तय करने वाले रवि राज (IRS) की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 7 साल की उम्र में अपनी आंखों की रोशनी खोने वाले रवि ने यह साबित कर दिया कि अगर आपके पास 'विजन' है, तो 'आईसाइट' की कमी आपको रोक नहीं सकती।

रवि की यह जीत उस सिस्टम के खिलाफ भी है जहाँ विकलांगों को अक्सर दया की दृष्टि से देखा जाता है। रवि ने दया नहीं, बल्कि देश की सबसे कठिन परीक्षा में अपना हक मांगा और उसे छीन कर दिखाया।

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❓ 1. बचपन में कैसे एक मामूली बीमारी ने छीन ली थी आंखों की रोशनी?

रवि राज बताते हैं कि जब वे 7 साल के थे, तब उन्हें आंखों में हल्की जलन महसूस हुई। उनके पिता रंजन कुमार सिन्हा उन्हें स्थानीय डॉक्टरों के पास ले गए, लेकिन सही इलाज न मिलने के कारण रेटिना धीरे-धीरे डैमेज होता गया। साल 2016 आते-आते, जब वे 10वीं में थे, उनके सामने पूरी तरह अंधेरा छा गया। लेकिन रवि ने ब्रेल लिपि (Braille) सीखने के बजाय अपनी सुनने की शक्ति (Hearing Power) को अपनी ताकत बनाने का फैसला किया।

❓ 2. मां विभा सिन्हा कैसे बनीं "इंसानी ऑडियो बुक"?

रवि के पास पढ़ने के लिए आंखें नहीं थीं, तो उनकी मां विभा सिन्हा उनकी आंखें बनीं। मां ने खुद ज्यादा पढ़ाई नहीं की थी, लेकिन अपने बेटे के लिए उन्होंने अंग्रेजी के कठिन शब्द और इतिहास की तारीखें पढ़ना सीखा। वह सुबह 4 बजे उठकर रवि के लिए अखबार और मैगजीन पढ़ती थीं ताकि रवि करंट अफेयर्स से अपडेट रह सकें।

❓ 3. खान सर (Khan Sir) का रवि की सफलता में क्या योगदान रहा?

रवि राज खुलेआम स्वीकार करते हैं कि Khan Sir (Patna) के ऑनलाइन वीडियो ने उनकी तैयारी में जान फूंक दी। रवि कहते हैं, "खान सर का मैप और हिस्ट्री समझाने का तरीका ऐसा है कि मुझे पिक्चर देखने की जरूरत ही नहीं पड़ती थी। मैं बस उनकी आवाज सुनता था और मेरे दिमाग में नक्शा बन जाता था।" रवि ने खान सर के ऑनलाइन बैच से ही अपनी बेसिक तैयारी पूरी की।

Special Booklist:
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❓ 4. NCERT से लेकर लक्ष्मीकांत तक, रवि ने कैसे "पढ़ी" भारी किताबें?

रवि की तैयारी का मुख्य आधार "सुनना" था। उन्होंने इन किताबों का सहारा लिया:

  • Polity: एम. लक्ष्मीकांत (मां ने हर चैप्टर पढ़कर सुनाया)।
  • History: स्पेक्ट्रम (ऑडियो नोट्स के जरिए)।
  • Geography: 11वीं और 12वीं की NCERT (YouTube लेक्चर के जरिए)।
  • Current Affairs: Vision IAS की ऑडियो मैगजीन।

❓ 5. क्या दिल्ली जाकर कोचिंग करना जरूरी है? रवि का जवाब चौंका देगा!

रवि राज ने कभी दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर (ORN) की गलियों का रुख नहीं किया। उनका कहना है कि आज के डिजिटल युग में अगर आपके पास एक स्मार्टफोन और इंटरनेट है, तो आप घर बैठे नवादा के गांव से भी UPSC निकाल सकते हैं। उन्होंने अपनी पूरी तैयारी ऑनलाइन संसाधनों से ही पूरी की।

❓ 6. BPSC में चयन के बाद भी UPSC के लिए क्यों पागल थे रवि?

रवि ने 69वीं BPSC में शानदार रैंक हासिल की थी और वे राजस्व अधिकारी बन चुके थे। लेकिन उनका लक्ष्य बड़ा था। वे कहते हैं, "मैं यह दिखाना चाहता था कि एक दिव्यांग व्यक्ति सिर्फ छोटी नौकरियों के लिए नहीं बना है, वह देश की सबसे बड़ी सर्विस (UPSC) में भी टॉप कर सकता है।"

❓ 7. मेंस परीक्षा में रवि के लिए कौन लिखता था उत्तर?

UPSC में दृष्टिबाधित छात्रों को एक Scribe (लेखक) दिया जाता है। रवि के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती थी क्योंकि उन्हें अपनी सोच की स्पीड और लेखक के लिखने की स्पीड को मैच करना था। रवि ने महीनों तक बोल-बोलकर उत्तर लिखवाने की प्रैक्टिस की, जिससे उनकी कम्युनिकेशन स्किल बहुत ज्यादा मजबूत हो गई।

Interview Secrets:
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❓ 8. इंटरव्यू में पैनल ने रवि से क्या कड़े सवाल पूछे थे?

इंटरव्यू के दौरान रवि से उनकी विकलांगता पर नहीं, बल्कि बिहार की समस्याओं और इकोनॉमी पर सवाल पूछे गए। एक मजेदार सवाल था—"अगर आप देख नहीं सकते, तो आप रेवेन्यू डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार कैसे रोकेंगे?" रवि ने जवाब दिया, "सर, भ्रष्टाचार देखने से नहीं, सिस्टम को पारदर्शी बनाने और डेटा के विश्लेषण से रुकता है, और सुनने व समझने की शक्ति इसमें मेरी सबसे बड़ी ताकत होगी।"

❓ 9. नवादा के डीएम और गांव वालों का इस जीत पर क्या कहना है?

नवादा के जिलाधिकारी (DM) ने रवि को विशेष रूप से सम्मानित किया। गांव महुली में रवि के घर के बाहर लोगों का तांता लगा है। उनके पिता भावुक होकर कहते हैं कि रवि ने गांव का नाम रौशन कर दिया। अब गांव के हर बच्चे के लिए रवि एक 'सुपरहीरो' बन चुके हैं।

❓ 10. नये एस्पिरेंट्स के लिए रवि राज का "सीक्रेट फॉर्मूला" क्या है?

रवि का केवल एक ही मंत्र है—"बहरे बन जाओ!"। उनका मतलब है कि जब लोग कहें कि 'तुमसे नहीं होगा' या 'तुम्हारी स्थिति ठीक नहीं है', तो उनकी बातों को मत सुनो। अपनी मेहनत और अपने माता-पिता के संघर्ष को अपना मोटिवेशन बनाओ।

📌 Study Materials: रवि राज की बुकलिस्ट

विषय (Subject) स्रोत (Source/Teacher)
General Studies Khan Sir (KGS Online)
Economy Mrunal Patel (Audio Lectures)
Polity M. Laxmikanth (Read by Mother)
Mock Tests Vision IAS & Forum IAS (Online)
Motivation Parents and self-belief

⚠️ Disclaimer: This article is a deep-dive report based on Ravi Raj's recent interviews with local news channels and UPSC results. It aims to inspire students across India.

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