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बिहार के किसानों को बड़ी राहत: अब पूर्वजों (दादा-परदादा) के नाम जमीन होने पर भी बनेगा 'फार्मर आईडी', देना होगा सिर्फ यह दस्तावेजp

🌾 बिहार के किसानों को बड़ी राहत: अब पूर्वजों (दादा-परदादा) के नाम जमीन होने पर भी बनेगा 'फार्मर आईडी', देना होगा सिर्फ यह दस्तावेज


No Mutation Required Immediately | Vanshavali Rule Update

DBT Agriculture Bihar 2026: बिहार के लाखों किसानों के लिए खुशखबरी है। कृषि विभाग ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब अगर जमीन आपके नाम पर नहीं है (दादा या परदादा के नाम पर है), तब भी आप किसान पंजीकरण (Farmer Registration) करा सकते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए बस आपको एक खास दस्तावेज जमा करना होगा।

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📜 1. नया नियम क्या है? (What is the New Update)

पहले बिहार में किसान पंजीकरण के लिए जमीन की रसीद (LPC) का किसान के खुद के नाम पर होना जरूरी होता था। लेकिन राज्य में बंटवारा और दाखिल-खारिज (Mutation) की प्रक्रिया धीमी होने के कारण लाखों किसान सरकारी लाभ से वंचित थे।

  • अब क्या बदला? कृषि विभाग ने निर्देश दिया है कि यदि जमीन आवेदक के दादा, परदादा या पिता के नाम पर है, तब भी उनका पंजीकरण मान्य होगा।
  • शर्त: आवेदक को यह साबित करना होगा कि वह जमीन के मालिक का वंशज है।

📄 2. कौन सा दस्तावेज देना होगा? (Vanshavali/Pedigree)

पूर्वजों के नाम की जमीन पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपको 'वंशावली' (Vanshavali) बनवानी होगी।

दस्तावेज प्रक्रिया (Process)
वंशावली (Genealogy) इसे अपने पंचायत के मुखिया, सरपंच या वार्ड सदस्य से सत्यापित (Attested) करवाना होगा। इसमें यह स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि आप जमीन मालिक के वारिस हैं।
शपथ पत्र (Self Declaration) एक घोषणा पत्र जिसमें किसान यह स्वीकार करेगा कि वह उस जमीन पर खेती करता है और उसका कानूनी वारिस है।

📂 3. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)

पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी तैयार रखें:

  • आधार कार्ड: (मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए)।
  • बैंक पासबुक: (आधार से सीडेड खाता)।
  • जमीन की रसीद (Malgujari Raseed): चाहे वह पूर्वज के नाम पर हो (अद्यतन/Current होनी चाहिए)।
  • वंशावली: जनप्रतिनिधि द्वारा सत्यापित।
  • शपथ पत्र: (कृषि विभाग के फॉर्मेट में)।
  • मोबाइल नंबर: OTP सत्यापन के लिए।

💰 4. किसान पंजीकरण के फायदे (Benefits of Farmer ID)

एक बार आपका पंजीकरण हो जाने और '13 अंकों की किसान आईडी' मिलने के बाद आप इन योजनाओं का लाभ ले सकेंगे:

  • PM किसान सम्मान निधि: सालाना ₹6,000।
  • डीजल अनुदान (Diesel Subsidy): सिंचाई के लिए सब्सिडी।
  • बीज अनुदान (Seed Subsidy): सस्ते दर पर बीज।
  • कृषि इनपुट अनुदान: फसल क्षति होने पर मुआवजा।
  • यंत्रीकरण योजना: कृषि यंत्रों पर छूट।

💻 5. आवेदन कैसे करें? (How to Register)

आप घर बैठे या CSC सेंटर से आवेदन कर सकते हैं:

  1. DBT Portal: बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं।
  2. Registration: "पंजीकरण" टैब पर क्लिक करें और "पंजीकरण करें" चुनें।
  3. Authentication: "General User" चुनें और आधार ऑथेंटिकेशन (OTP या Bio-metric) करें।
  4. Fill Details: व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण भरें।
  5. Land Details: जमीन का विवरण भरें। अगर जमीन पूर्वज के नाम है, तो "वंशावली" अपलोड करें।
  6. Submit: फॉर्म सबमिट करें। आपको तुरंत 13 अंकों की पंजीकरण संख्या (Registration ID) मिल जाएगी।

⚠️ Disclaimer: This information is for awareness purposes based on Bihar Agriculture Department updates. Please verify the latest guidelines on the official DBT Agriculture portal before applying.

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